आर्थिक संकट से बचाएगा एक योगी की सादगी का संदेश !

आर्थिक संकट से बचाएगा एक योगी की सादगी का संदेश !

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बिगड़ती वैश्विक स्थितियों से निपटने के लिए बचत और सादगी हमें इस मुश्किल दौर से निकाल सकती है। ईरान और अमरीका-इजराइल के तनाव से तेल संकट से दुनिया के सिर पर आर्थिक संकट तेजी से मंडरा रहा है।पर भारतीय मूल्यों और परम्पराओं की मूल धारणा ही सादगी से भरी है।

साधू-संतों की मूल परंपराओं का देश भारत कम संसाधनों की आध्यात्मिक जीवन शैली का संदेश पूरी दुनिया के लिए लाभकारी होगा। भारत का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश जो क्षेत्रफल और आबादी के लेहाज़ से विश्य के अनेकों देशों से बड़ा हैं, यहां के मुख्यमंत्री ही एक योगी है। जिनकी जीवनशैली और सादगी कम खर्च में सादगी भरे जीवन की प्रेरणा देती है। योगी आदित्यनाथ ना सिर्फ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं बल्कि संपूर्ण भारत के अत्यंत लोकप्रिय नेता हैं।

वैश्विक हालात नहीं सुधरे तो दुनिया को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। तेल के दाम बढ़ेंगे तो महंगाई की मार पड़नी ही होगी। सारी दुनिया के भारतीयों को भी ऐसे संकटों का सामना करने और इससे मुकाबला करने के लिए तमाम एहतियात बरतनी होगी।

हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तेल बचाने, सोना ना खरीदने और फिजूल खर्ची से बचने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री योगी पर भरोसा जताने वाली सार्वाधिक आबादी यूपी में है। कहा जाता है कि आह्वान करने वाले बिन्दु आह्वान करने वाले के आचरण, व्यवहार और प्रयोग में हों तो आम जनता ऐसे आह्वान को जरूर अपनाती है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एक योगी हैं। एक योगी का जीवन ही सादगी और कम संसाधनों में जीवन व्यतीत करने वाला होता है। इसलिए आशा है कि लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान को देश और प्रदेश की जनता सार्वाधिक अपनाएगी। और वैश्विक आर्थिक संकट के समय कम संसाधनों में सादगी भरा जीवन व्यतीत किया जाए, फिजूल खर्ची ना करें, तेल/पैट्रोल डीजल का कम से कम उपयोग करें तो हम वैश्विक संकट से उबर सकते हैं।

योगी आदित्यनाथ सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं एक योगी हैं, और एक योगी का चरित्र, आचरण, व्यवहार, दिनचर्या, खान-पान , वस्त्र सादगी भरा होता है। पैट्रोल का कम इस्तेमाल ना सिर्फ देश-दुनिया और संपूर्ण समाज के लिए आर्थिक हालात सुधरने के लिए रास्ता खोलेंगे बल्कि देशहित-समाज हित में तेल बचत के कदम उठाने वाले को निजी लाभ भी देंगे। थोड़ा पैदल चलने या साइकिल से चलने से सेहत बेहतर होगी। दिल और पेट की बीमारियाँ नहीं होंगी।

खान पान में कम तेल इस्तेमाल करने से भी शारीरिक स्वास्थ्य का लाभ होगा। प्रदूषण का कहर कम होगा। सड़क दुर्घटनाओं में कभी आएगी। साथ ही पैसे की बचत भी होगी। इसलिए संकट की इस घड़ी में यदि हर नागरिक थोड़ा-थोड़ा योगी (सादगी भरी दिनचर्या वाला)बन जाए तो हम आर्थिक संकट पर काबू पा लेंगे।

-- नवेद शिकोह

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