दूसरा चरण भाजपा के लिए कड़ी चुनौती, मुस्लिम सियासत की अग्निपरीक्षा

दूसरा चरण भाजपा के लिए कड़ी चुनौती, मुस्लिम सियासत की अग्निपरीक्षा

दूसरे चरण के 9 जनपद सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, अमरोहा, शाहजहांपुर व बदायूं के 55 विधानसभा सीटों में चुनाव होने हैं। इनमें 48 सीटें मुस्लिम बहुल्य हैं। इन सीटों में 90 हजार से लेकर 2.25 मुस्लिम मतदाता हैं। मुस्लिम बहुल्य सीटें बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबन्द, रामपुर मनिहारन(SC), गंगोह, नजीबाबाद, नगीना(SC), बढ़ापुर, धामपुर, नहटौर(SC), बिजनौर, चांदपुर, नूरपुर, कांठ, ठाकुर द्वारा, मुरादाबाद ग्रामीण, मुरादाबाद नगर, कुन्दरकी, बिलारी, चन्दौसी(SC), सम्भल, स्वार, चमरव्वा, विलासपुर, रामपुर, मिलक(SC), धनौरा(SC), नौगांवासादात, अमरोहा, हसनपुर, गुन्नौर, बिसौली(SC), सहसवान, बदायूं, शेखपुर, बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर(SC), बरेली, बरेली (कैन्ट), आंवला, तिलहर, शाहजहांपुर, ददरौल शामिल हैं।

मुस्लिम मतदाता की संख्या को देखते हुए बसपा ने 23, कांग्रेस ने 21, सपा ने 18 और AIMIM ने 15 मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। कुल 55 सीटों में 77 मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। प्रथम चरण में जिस तरह से ध्रुवीकरण हुआ है वैसे स्थिति दूसरे चरण में होने की पूरी सम्भावना है। इन 55 सीटों में 2017 के भाजपा लहर में भी सपा को 15 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थी। बसपा का खाता तक नहीं खुला था।

आजम खां का प्रभाव इसी क्षेत्र में माना जाता है और रामपुर में भी कल ही मतदान है। स्थिति स्पष्ट है चुनाव में भाजपा के विकल्प के रूप में अखिलेश यादव का चेहरा परसेप्शन के लिहाज से सीधी टक्कर दे रहा है। चुनाव परिणाम 10 मार्च को आएंगे लेकिन प्रथम और दूसरे चरण के बाद से जो हवा बहेगी। सातवें चरण तक पहुंचते पहुंचते यही परसेप्शन की हवा फ्लोटिंग मतदाताओं के साथ जुड़कर बहुमत की सरकार बनाएगी।

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