सीमाओं पर खड़ा है प्रहरी...

सीमाओं पर खड़ा है प्रहरी...

सीमाओं पर खड़ा है प्रहरी

बर्फ़ीली चट्टानों मे

जंगल और मरुस्थल में भी

लिये तिरंगा बाहों मे

देख रहा प्रतेक दिशा में

चैतन्य रूप और सजग् दृष्टि से

है साहस दिखता इन आँखों में

लड़ सकने का सारी सृष्टि से

करते हो संहार शत्रु का

देश भक्ति मे होकर गर्वित

तुम्हे नमन है सैनिक जिसने

निज जीवन किया देश को अर्पित

कारगिल युद्ध स्मृति में समर्पित

-- Gen Abhi Parmar

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