जनता की आवाज उठाने पर योगी सरकार ने मेरे खिलाफ देशद्रोह का केस दायर किया है : संजय सिंह

कांग्रेस, टीएमसी, एसपी, शिवसेना, आरजेडी, टीआरएस, टीडीपी, डीएमके, अकाली दल, एनसीपी और अन्य सांसदों ने मेरा समर्थन किया है, 20 सितंबर को मैं लखनऊ पुलिस को अपनी गिरफ्तारी दूंगा
जनता की आवाज उठाने पर योगी सरकार ने मेरे खिलाफ देशद्रोह का केस दायर किया है : संजय सिंह

नई दिल्ली ।। राज्य सभा सांसद और ‘आप’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार को उनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित राजद्रोह का मामला दर्ज करने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार द्वारा उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई का मुख्य कारण यह है कि वह यूपी में ब्राह्मणों और दलितों के खिलाफ हिंसा और अत्याचार पर लगातार आवाज उठा रहे हैं।

संजय सिंह ने कहा कि 12 विभिन्न राजनीतिक दलों के 37 सांसद एकजुटता के साथ मेरे साथ हैं और उन्होंने माननीय राज्यसभा सभापति से इस मुद्दे के खिलाफ जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, सपा, शिवसेना, राजद, टीआरएस, टीडीपी, डीएमके, अकाली दल, एनसीपी और कई अन्य सांसदों ने उनका समर्थन किया है। सिंह ने कहा कि माननीय राज्य सभा के सभापति ने सदन को यह सुनिश्चित किया है कि इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि 20 सितंबर को वह लखनऊ पुलिस के सामने पेश होंगे।

पार्टी मुख्यालय में हुई एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि अपना पूरा जीवन देश और समाज की सेवा में समर्पित करने के बाद आज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मेरे खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि मैं देशद्रोही हूं। पिछले 3 महीने में लगभग 13 मुकदमे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मुझ पर लगाए हैं। 3 महीने में 13 मुकदमे उत्तर प्रदेश में आज तक किसी माफिया के खिलाफ नहीं हुए।

संजय सिंह ने कहा कि मुझे साथ ही साथ इस बात की बेहद प्रसन्नता भी है कि सदन में मेरे प्रश्न उठाने के पश्चात 12 अलग-अलग राजनीतिक दलों के 37 सांसदों ने मेरा समर्थन किया और माननीय सभापति महोदय जी ने इस बात का आश्वासन दिया कि इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।

संजय सिंह ने कहा कि मैंने आज देश के सर्वोच्च सदन में सभापति महोदय के समक्ष भी अपनी पीड़ा को रखा। मैंने सभापति महोदय से आग्रह किया कि जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मुझे देशद्रोही कह रही है, मुझ पर देशद्रोह का मुकदमा किया गया है, यदि मैं देशद्रोही हूं तो मुझे जेल में डाल दिया जाए। संजय सिंह ने कहा कि मुझे साथ ही साथ इस बात की बेहद प्रसन्नता भी है कि सदन में मेरे प्रश्न उठाने के पश्चात 12 अलग-अलग राजनीतिक दलों के 37 सांसदों ने मेरा समर्थन किया और माननीय सभापति महोदय जी ने इस बात का आश्वासन दिया कि इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।

संजय सिंह ने कहा कि परंतु प्रश्न यह उठता है कि यह मुकदमा मेरे खिलाफ क्यों किया गया? उसका जवाब यह है, क्योंकि मैंने उत्तर प्रदेश में हो रही ज्यादतियों और अपराध के खिलाफ आवाज उठाई, क्योंकि मैंने उत्तर प्रदेश में हो रही ब्राह्मणों की हत्याओं का मामला उठाया, क्योंकि मैंने उत्तर प्रदेश में हो रही दलितों की हत्या का मामला उठाया, क्योंकि मैंने उत्तर प्रदेश में पाल समाज, यादव समाज, निषाद समाज, मौर्य समाज तथा अन्य दलित समाजों के साथ हो रहे अत्याचारों का मामला उठाया।

बीते कुछ समय में उत्तर प्रदेश में हुए बड़े हत्या कांड में मारे गए कुछ लोगों का उदाहरण देते हुए संजय सिंह ने कहा क्योंकि मैंने पत्रकार विक्रम, तीन बार के पूर्व विधायक निवेन्द्र मिश्रा, संजीत यादव, बृजेश पाल, रिक्शा चलाने वाले दलित युवक मोहित और ऐसे अन्य कई लोगों की हत्याओं के मामलों को मीडिया और जनता के सामने उठाया।

उन्होंने कहा कि यह मामला मेरे खिलाफ इसलिए लगाया गया है, क्योंकि कोरोना महामारी के इस दौर में जब पूरा देश समस्याओं से जूझ रहा है, हजारों लोगों की रोजाना मृत्यु हो रही है, प्रतिदिन हजारों की संख्या में नए केस निकल कर आ रहे हैं, लोग रोजगार से, भूख से पीड़ित है ऐसे समय में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार थर्मामीटर खरीदने में, ऑक्सीमीटर खरीदने में करोड़ों रुपए का घोटाला कर रही है, और मैंने उस मामले को मीडिया और जनता के सामने रखा, इसीलिए मेरे खिलाफ यह मुकदमे किए जा रहे हैं।

संजय सिंह ने कहा योगी जी बताएं 800 रुपए का ऑक्सीमीटर 5000 रुपए में, 1600 रुपए का थरमामीटर 13000 रुपए में क्यों खरीदा? ऐसे कोरोना महामारी के काल में जब लोग मर रहे हैं, योगी सरकार शमशान में दलाली करने का काम कर रही है। एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए संजय सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आजकल चल रहे अपराधों के मामले में जब हमने एक सर्वे कराया, हमने उत्तर प्रदेश की जनता से पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जातिवादी सरकार है, तो बेहद ही चैंकाने वाले आंकड़े सामने निकल कर आए, 63 प्रतिशत जनता ने कहा कि हां, योगी सरकार जातिवादी सरकार है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लूट की, हत्याओं की, बलात्कार की घटनाएं होना देशद्रोही नहीं है, परंतु यदि इन घटनाओं पर मैंने प्रश्न पूछ लिया तो प्रश्न पूछना देशद्रोह हो गया।

हाल ही में उत्तर प्रदेश में एक व्यापारी इंद्र कांत त्रिपाठी की हत्या में क्षेत्र के डीएम और एसपी का नाम आ रहा है, उस घटना का उदाहरण देते हुए संजय सिंह ने कहा कि आप की सरकार में एसपी और डीएम एक व्यापारी से रंगदारी मांगते हैं और जब वह रंगदारी देने से मना कर देता है, तो उसकी हत्या करवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि योगी जी रंगदारी वसूलने और हत्या करवाना यह देशद्रोह कहलाता है, मैंने यदि आप की सरकार का असली चेहरा जनता के सामने रखा, आपके चेहरे से झूठ का नकाब खींच कर उतार दिया, तो आपने मुझ पर देशद्रोह का केस लगा दिया। किसी से रंगदारी मांगना उसकी हत्या करना देशद्रोह कहलाता है ना कि अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना देशद्रोह होता है।

संजय सिंह ने कहा कि पहले मेरे ऊपर आईटी एक्ट में अज्ञात में मुकदमा लिखा गया, परंतु जब मैंने यूपी सरकार द्वारा कोरोना किट में किए गए घोटाले को उजागर कर दिया, तो आईटी एक्ट में देशद्रोह की धारा बढ़ाकर कल मुझे एक नोटिस भेज दिया गया। संजय सिंह ने कहा कि मैं इस तरह के मुकदमों से कतई डरने वाला नहीं हूं। उत्तर प्रदेश में हो रहे अत्याचारों के मामले, हत्याओं के मामले, लूट के मामले, भ्रष्टाचार के मामले में इसी प्रकार से उठाता रहूंगा।

उन्होंने कहा कि मैं इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक हूं और इस देश के सर्वोच्च सदन का एक सदस्य भी हूं। मैं 20 तारीख को सदन में प्रस्तुत होकर माननीय सभापति महोदय को इस बाबत जानकारी देकर, लखनऊ के लिए निकल जाऊंगा और थाने में पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी दूंगा। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है 20 तारीख को मुझे गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा, परंतु मैं उत्तर प्रदेश की जनता को यह बता देना चाहता हूं कि चाहे लाख मुकदमे मेरे ऊपर दर्ज करा दिए जाएं, मुझ पर लाठियां चलवाई जाए, जेल में रखा जाए, परंतु अपराध के प्रति मेरी आवाज को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दबा नहीं सकेगी।

मीडिया के माध्यम से संजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मैंने चिट्ठी लिखकर सभापति महोदय से इस पूरे प्रकरण की जांच करने की मांग की है और 12 अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों ने भी चिट्ठी लिखकर मेरा समर्थन किया है। मैंने सभापति महोदय से आग्रह किया है कि यदि मैं देशद्रोही हूं तो मेरे खिलाफ कार्यवाही की जाए और मुझे जेल में डाला जाए और यदि नहीं हूं तो इस प्रकार के झूठे केस मुझ पर लगाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।

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