आखिरकार बिहार चुनाव के लिए भाजपा ने अपने 'चाणक्य' को सीट बंटवारे के लिए उतारा

आखिरकार बिहार चुनाव के लिए भाजपा ने अपने 'चाणक्य' को सीट बंटवारे के लिए उतारा

विधानसभा चुनाव के लिए बिहार में अभी तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, कानून मंत्री और बिहार विधानसभा चुनाव प्रभारी रविशंकर प्रसाद एनडीए को एकजुट करने और सीटों के बंटवारे के लिए कमान संभाले हुए थे। 'नड्डा और रविशंकर प्रसाद जेडीयू के साथ सीटों पर सहमति बनाने के लिए सफल हो गए लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी लोजपा के साथ चुनाव लड़ने को लेकर तालमेल नहीं बैठा पाए' । 'लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की बढ़ती डिमांड के आगे यह दोनों भाजपा के नेता फेल हो गए'।

अब एक बार फिर भाजपा केंद्रीय आलाकमान ने अपने 'चाणक्य यानी गृहमंत्री अमित शाह को बिहार में एनडीए को एकजुट करने के साथ सीटों के बंटवारे पर बना गतिरोध को खत्म करने के लिए मैदान में उतार दिया है' । जबकि अमित शाह बीमार चल रहे हैं और और कई दिनों से उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर कोई बयान नहीं दिया है । पिछले दिनों मानसून सत्र में भी अमित शाह ने संसद की कार्यवाही में भाग नहीं लिया था।

'आपको बता दें कि बिहार चुनाव को लेकर राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीटों के बंटवारे के लिए चला आ रहा तूफान के थमने का आज अहम दिन माना जा रहा है' ? इस समस्‍या के समाधान के लिए अब अमित शाह पहल करने जा रहे हैं। गठबंधन के प्रमुख दल भारतीय जनता पार्टी व जनता दल यूनाइटेड के बड़े नेता दिल्‍ली में जुटे हैं। एनडीए के तीसरे घटक लोक जनशक्ति पार्टी के बड़े नेता पहले से ही दिल्‍ली में डेरा डाले हुए हैं। अमित शाह दिल्ली में आज खुद लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान को मनाने में जुटे हुए हैं ।

ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अमित शाह के मिलने के बाद चिराग की नाराजगी दूर हो सकती है ? संभव है आज देर रात तक बीजेपी, जेडीयू और लोजपा के साथ बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की सहमति भी बन जाए ।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए कल से शुरू होंगे नामांकन

विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 71 सीटों के लिए गुरुवार से नामांकन शुरू हो जाएगा, लेकिन अब तक सत्ता के दावेदार दोनों बड़े गठबंधनों एनडीए और महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे का स्वरूप स्पष्ट नहीं हो पाया है। अब तक बीजेपी और एलजेपी के बीच ही सीटों के बंटवारे का फाॅर्मूला तय नहीं हो पाया है। दूसरी ओर चिराग पासवान गत विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली 42 सीटों से कम पर राजी नहीं हैं।

उन्‍होंने बात नहीं बनने पर 143 सीटों पर चुनाव लड़ने तथा जेडीयू के खिलाफ प्रत्‍याशी उतारने की चेतावनी दे डाली है। 'चिराग पासवान को मनाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह अपना पूरा सियासी दांव लगाते हुए हाईलेवल की बैठक कर रहे हैं' । इसके बाद एनडीए में सीटों के बंटवारे की घोषणा में आसानी हो जाएगी। भाजपा और जेडीयू को पूरी उम्मीद है कि अमित शाह चिराग पासवान को मनाने में सफल हो जाएंगे ।

अगर विशेष परिस्थितियों में ऐसा नहीं होता है तो संभव है भाजपा और जेडीयू पहले चरण के चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा आज देर रात कर सकती है । गौरतलब है कि पिछले दिनों चिराग पासवान ने इसी मसले पर गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में चिराग ने तय वक्त पर सीट बंटवारा न होने पर सवाल खड़े किए थे।

दो दिन पहले जेपी नड्डा ने चिराग पासवान से की थी मुलाकात लेकिन नहीं बनी बात

बता दें कि सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से चिराग पासवान ने मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे पर बातें हुई थी, लेकिन बात नहीं बन सकी। भारतीय जनता पार्टी की ओर से लोजपा को 27 विधानसभा और दो विधान परिषद का ऑफर दिया गया है। लेकिन चिराग पासवान इतनी सीटों से मान नहीं रहे हैं। लोजपा ने भाजपा को आज शाम तक का अल्टीमेटम दिया है कि वो सीटों पर फैसला लें।

गौरतलब हो कि एनडीए के घटक दल लोजपा की ओर से पिछले कई दिनों से लगातार जदयू के खिलाफ बयानबाजी हो रही है। जदयू की ओर से भी चिराग पासवान को एनडीए से अलग करने की चेतावनी दी गई । लोजपा ने यह भी कहा था कि कि वह विधान सभा की 143 सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहा है। इन सभी बातों को लेकर एनडीए में एक असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

अमित शाह के सामने लोजपा प्रमुख चिराग पासवान को कैसे मनाया जाए ? उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कितनी सीटें दी जाए चुनौती होगी । 'भारतीय जनता पार्टी अपने चाणक्य यानी अमित शाह को तभी इस्तेमाल करती है जब कोई बड़ा सियासी दांवपेंच फंसता है। अब एक बार फिर देखना होगा अमित शाह चिराग पासवान को मनाने में कितना सफल हो पाते हैं ?

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