किसानों को खुश करने के लिए गन्ना मूल्य में होगा इजाफा, योगी सरकर 25 रुपए प्रति क्विटंल तक गन्ने का एफ़आरपी बढ़ाएगी  

किसानों को खुश करने के लिए गन्ना मूल्य में होगा इजाफा, योगी सरकर 25 रुपए प्रति क्विटंल तक गन्ने का एफ़आरपी बढ़ाएगी  

लखनऊ, सितंबर 4 (TNA) उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार सूबे के नाराज किसानों को मनाने के लिए लोकसभा चुनावों के पहले गन्ने का समर्थन मूल्य (एफ़आरपी) बढ़ाएगी. सरकार के उच्चाधिकारियों के अनुसार गन्ना समर्थन मूल्य में 20 से 25 रुपए प्रति क्विटंल तक की बढ़ोत्तरी किए जाने की तैयारी है.

इस संबंध में उच्च स्तर पर सहमति हो गई है और इसी पेराई सत्र में गन्ना मूल्य में इजाफा किए जाने का ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे. सरकार का मानना है कि गन्ना मूल्य में किए जाने वाले इजाफे से किसान खुश होंगे. और योगी सरकार के किसानों का हितैषी होने का संदेश जाएगा, जिसका सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लोकसभा चुनावों में लाभ मिलेगा.    

योगी सरकार गन्ना मूल्य में इजाफा दो वर्ष बाद करने जा रही है. इससे पहले वर्ष 2021 में गन्ना मूल्य में 25 रुपए का इजाफा किया गया था. वर्तमान में गन्ने का समर्थन मूल्य अगेती प्रजाति के लिए 350 रुपए, सामान्य प्रजाति के लिए 340 रुपए और रिजेक्टेड प्रजाति के लिए 335 रुपए प्रति क्विंटल है. इस समर्थन मूल्य से सूबे के अधिकतर किसान खुश नहीं हैं. बीते दो वर्षों से सूबे के सभी किसान संगठन गन्ना मूल्य में ज्यादा बढ़ोत्तरी किए जाने की मांग कर रहे हैं.

सरकार के स्तर से किसानों की मांगों पर ध्यान ना दिये जाने के कारण ही बीते विधानसभा चुनावों में किसानों से सूबे के गन्ना मंत्री सुरेश राणा को चुनावों में हारा दिया था. यही वजह है कि लोकसभा चुनावों के पहले योगी सरकार ने गन्ने के मूल्य में इजाफा करने की सुध ली है. गन्ना विभाग के आला अफसरों के अनुसार अक्तूबर से नवंबर में गन्ना मूल्य मे इजाफ़ा किए जाने का ऐलान कर दिया जाएगा.

गन्ना मूल्य में 50 रुपए इजाफा करने की मांग

गन्ना मूल्य में इजाफा होने का लाभ यूपी के करीब 50 लाख गन्ना किसानों को मिलेगा. गौरतलब है कि देश के गन्ने के कुल रकबे का 51 फीसदी और कुल गन्ना उत्पादन का 50 फीसदी तथा चीनी उत्पादन का 38 फीसदी उत्तर प्रदेश में होता है. प्रदेश के करीब 50 लाख गन्ना किसान चीनी मिलों को अपने गन्ने की आपूर्ति करते हैं और देश की कुल 520 चीनी मिलों से 119 उत्तर प्रदेश में हैं. यूपी का चीनी उद्योग करीब 6.50 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार देता है. जिसके चलते हर चुनाव के पहले यूपी में गन्ने के मूल्य बड़ा चुनावी मुद्दा बनता है. खासतौर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पूरी राजनीति ही गन्ना किसानों के इर्द गिर्द ही घूमती है.

अब भी विपक्षी दल और किसान संगठन गन्ना मूल्य को मुद्दा बना रहे हैं. पश्चिमी यूपी में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया जयंत चौधरी लगातार यह मुद्दा उठा रहे हैं. किसान नेता राकेश टिकैत इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने की तैयारी में हैं. उनका कहना है कि सूबे की सरकार गन्ना मूल्य में इजाफा करने को लेकर अपने वादे को पूरा नहीं कर रही है. राकेश टिकैत के मुताबिक वर्ष 2017 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में गन्ने का मूल्य 370 रुपये प्रति क्विंटल करने का वादा किया था. जिसे अभी तक निभाया नहीं गया है. राकेश टिकैत और जयंत चौधरी गन्ने में 50 रुपये प्रति क्विंटल इजाफा करने की मांग कर रहे हैं.

— राजेंद्र कुमार

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