हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी अब लखनऊ में भी उपलब्ध

हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी अब लखनऊ में भी उपलब्ध

लखनऊ, दिसम्बर २२, २०२० (TNA) हाल ही में इज़राइल के वैज्ञानिको द्वारा यह साबित किया गया है कि हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोक देती है और शरीर में विकृत कोशिकाओं को हटा देती है।

लखनऊ के एंटरप्रेन्योर संदीप, सचिन और शिप्रा द्वारा इसे लखनऊ में की स्थापित किया गया है। मंगलवार को संस्था का उद्घाटन सुप्रसिद्ध फैशन डिजायनर अस्मा हुसैन एवं भूतपूर्व प्रमुख सचिव अनीस अंसारी, गणमान्य व्यक्ति, खेल खिलाड़ियों और डाक्टरों की उपस्थिति में किया गया।

यह थेरेपी न केवल उम्र के बढने की प्रक्रिया को रोक देती है बल्कि शरीर की सभी कोशिकाओं को फिर से जीवंत कर देती है और इस तरह त्वचा की टोन, प्रदर्शन और प्रतिरक्षा में सुधार करने में मदद करती है।

एचबीओटी क्लिनिक में व्यक्ति को एक घंटे के लिए सेलून चैम्बर की तरह आरामदायक कुर्सी में बैठना पड़ता है और शुद्ध आक्सीजन की आपूर्ति दो से तीन वायुमंडलीय दबाव में दी जाती है।

टाइगर श्रॉफ, कैटरीना कैफ, अथिया शेट्टी, डेविड धवन जैसे हस्तियाँ नियमित रूप से सौदर्य और फिटनेस के लिए HBOT सत्र लेती है। एथलेट्स, फिटनेस फ्रीक और पुलिस कर्मी किसी भी खेल की चोट की ताकत और तेजी से चिकित्सा के लिए HBOT लेते हैं।

यह रक्त में ऑक्सीजन को कई परतों में घोल देता है और शरीर के प्रत्येक कोशिका तक बहुत अधिक मात्रा में ऑक्सीजन पहुँचाई जाती है, जिससे कोशिका की कार्यपणाली में सुधार होता है और उम्र बढ़ने और रोग प्रक्रिया में सुधार होता है और डिटॉक्स भी होता है।

2019 के मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार के विजेताओ ने बताया कि कोशिकाएं ऑक्सीजन की उपलब्धता को समझती हैं और अनुकूल होती हैं। डॉक्टर पहले से ही डाइबिटिज फूड, स्ट्रोक, गैंग्रीन, अचानक सुनवाई और दृष्टि

हानि और पोस्ट विकिरण (कैंसर) जैसी कई असाध्य बीमारियों के लिए HBOT का उपयोग कर रहे है।

Related Stories

The News Agency
www.thenewsagency.in