अधिगृहीत खाली जमीन किसान को वापस पाने का अधिकार नहीं: हाईकोर्ट

अधिगृहीत खाली जमीन किसान को वापस पाने का अधिकार नहीं: हाईकोर्ट

प्रयागराज।। सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अधिगृहीत जमीन खाली पड़ी है तो भी किसान को वापस पाने का अधिकार नहीं है। यह आदेश तत्कालीन न्यायाधीश संजय यादव तथा न्यायमूर्ति प्रकाश पांडिया की खंडपीठ ने विजय पाल और चार अन्य की याचिका पर दिया है।

भले ही उसका उपयोग न किया गया हो, भू-स्वामी वापसी की मांग करने का हकदार नहीं है। सरकार चाहे तो अधिगृहीत जमीन का अधिग्रहण रद्द कर सकती है और जिलाधिकारी इस कार्रवाई में किसान को हुए नुकसान की भरपाई करेगा।

इस के साथ वर्षों पहले अधिगृहीत जमीन की खेती के लिए वापस करने की मांग मे दाखिल याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा याची यह मांग नहीं कर सकता कि कुछ लोगों की जमीन वापस की गई है। उसकी भी वापस की जाए। कोर्ट ने कहा है कि अनुच्छेद-14 के अंतर्गत समानता का अधिकार गलत और अवैध लाभ पाने का अधिकार शामिल नहीं है।

हीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज होने के बाद दोबारा दाखिल याचिका को न्यायिक प्रक्रिया का दुरूपयोग करार देते हुए 25 हजार हर्जाने के साथ खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा है कि अधिगृहीत जमीन का कब्जा लेकर वर्षों पहले ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को सौंपा जा चुका है| ऐसे में जमीन की वापसी नहीं की जा सकती. यह आदेश तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय यादव तथा न्यायमूर्ति प्रकाश पांडिया की खंडपीठ ने दादरी, सदरपुर की तेजल उप्पल की याचिका पर दिया है।

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