हाथरस कांड पर कांग्रेस की सियासत पर योगी सरकार दो हाथ पीछे हटी

हाथरस कांड पर कांग्रेस की सियासत पर योगी सरकार दो हाथ पीछे हटी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के महासचिव प्रियंका गांधी को हाथरस से ही अपनी जमीन लखनऊ के लिए दिखाई पड़ रही है । 'आज राहुल गांधी का जो आक्रामक अंदाज था वह बता रहा था उन्हें हाथरस जाने से कोई नहीं रोक सकता है' । वैसे हम आपको बता दें कि आज राहुल गांधी किसान विधेयक से गुस्साए पंजाब के किसानों के बीच जाने वाले थे, लेकिन एक मौके पर राहुल गांधी ने पंजाब में न जाकर एक बार फिर हाथरस की ओर कूच करने के लिए शनिवार सुबह ही एलान कर दिया । 'राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस जाने को लेकर काफी आक्रमक मूड में थे' ।

यही नहीं राहुल के साथ 35 सांसदों के साथ हजारों कार्यकर्ता और भारी-भरकम काफिला भी साथ था । 'सही मायने में कांग्रेस आज हाथरस जाने के लिए इतनी उत्सुक नहीं थी जितना कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शक्ति प्रदर्शन दिखाना चाहती थी' । दिल्ली से राहुल, प्रियंका पूरे लाव लश्कर के साथ हाथरस के लिए निकल पड़ते हैं । लेकिन पुलिस ने उन्हें दिल्ली-नोएडा फ्लाइवे (नोएडा बॉर्डर) पर रोक दिया।

इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शक्ति प्रदर्शन को देखकर योगी सरकार को राहुल गांधी समेत पांच कांग्रेसी नेताओं को हाथरस जाने की इजाजत देनी पड़ी ।

गौरतलब है कि दो दिन पहले भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हाथरस जाने की कोशिश की थी लेकिन उस दौरान उन्हें रोक दिया गया । पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई लोगों को हिरासत में लिया था। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि कितनी भी पुलिस लगा लें लेकिन पीड़ित परिवार से मिलने से कोई नहीं रोक सकता है।

राहुल के नेतृत्व में कार्यकर्ता योगी सरकार से सड़क पर आर-पार की लड़ाई में उतरे

राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथरस जाने के लिए योगी सरकार से सड़क पर पूरे आर-पार की लड़ाई में उतरे । उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम देखकर योगी सरकार बैकफुट पर आ गई ।

आनन-फानन में सीएम योगी को राहुल गांधी समेत पांच लोगों को हाथरस जाने की इजाजत देनी पड़ी। उत्तर प्रदेश शासन ने जिनको हाथरस जाने की इजाजत दी है उनमें, राहुल और प्रियंका गांधी के साथ सांसद अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल और मुकुल वासनिक हैं । इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया ।

लेकिन आज राहुल गांधी ने जैसे ठान लिया हो कि वे हाथरस जाकर रहेंगे । यहां हम आपको बता दें कि शनिवार सुबह हाथरस के लिए रवाना होने से पहले राहुल ने ट्वीट किया था, 'दुनिया की कोई ताकत मुझे पीड़ित परिवार से मिलने से नहीं रोक सकती। बता दें कि स्मृति ईरानी ने शनिवार को राहुल गांधी की प्रस्तावित हाथरस यात्रा पर टिप्पणी की थी।

स्मृति ईरानी ने कहा था कि जनता ये समझती है कि राहुल गांधी कि हाथरस की तरफ कूच राजनीति के लिए है, इंसाफ के​ लिए नहीं। इसके जवाब में कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि हाथरस की घटना के बाद वे सीएम आदित्यनाथ को चूड़ियां भेंट करने कब जा रही हैं।

राहुल-प्रियंका गांधी के हाथरस पहुंचने से पहले ही योगी ने अपने दूतों को पहले ही भेजा

शनिवार को जैसे उत्तर प्रदेश के 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आभास हो गया था कि आज वे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हाथरस जाने से नहीं रोक पाएंगे' । इससे पहले ही सीएम योगी ने अपने दोनों दूतों मुख्य सचिव गृह, और डीजीपी को मृतक युवती के परिजनों से मिलने के लिए भेज दिया । योगी के इन दोनों खास सिपहसालारों ने राहुल प्रियंका आने से पहले बहुत हद तक उनके घावों पर मरहम लगाने का प्रयास कर दिया ।

'उसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी और अपर प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी बाकायदा हाथरस जिले में ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह संदेश देने की कोशिश की कि अब कुछ सब ठीक है' ।पीड़िता के परिवार के मुलाकात के बाद अवनीश अवस्थी ने कहा कि हम लोग ने परिवार के एक एक सदस्य से बात की, उन्होंने कई सारी बातें की हैं । प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि पीड़ित परिवार की योगी सरकार हरसंभव मदद करेगी ।

इसके अलावा जब रात को पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए दाह संस्कार की बात की गई तो इस सवाल पर अविनाश अवस्थी बचते हुए नजर आए और कुछ भी बोलने से पहले निकल गए।

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