इमरान की तरह दानिश पर भी गिरी मायावती की गाज, मायावती से मिलने का दानिश 79 दिन से कर रहे थे इंतजार

इमरान की तरह दानिश पर भी गिरी मायावती की गाज, मायावती से मिलने का दानिश 79 दिन से कर रहे थे इंतजार

लखनऊ, 10 दिसंबर (TNA) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के सांसद कुंवर दानिश अली को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा गत 21 सितंबर को सांसद में की गई अभद्र टिप्पणी के बाद से दानिश अली पार्टी मुखिया से मिलने के समय मांग रहे थे, लेकिन मायावती ने 79 दिनों से किए जा रहे उनके प्रयास की अनदेखी करते हुए उन्हे पार्टी के सस्पेंड किए जाने पर अपनी सहमति जता दी.

इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने अमरोहा से पार्टी के सांसद दानिश अली को पार्टी से निलंबित किए जाने का पत्र जारी कर दिया.

निलंबन का यह कारण बताया गया

दानिश अली के निलंबन को लेकर पार्टी की तरफ से जारी इस पत्र में कहा गया है कि दानिश अली को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से पार्टी से निलंबित किया गया है. इस पत्र में लिखा गया है कि आपको कई बार मौखिक रूप से कहा जा चुका है कि आप पार्टी की विचारधारा, नीतियों, और अनुशासन के खिलाफ किसी तरह की कोई बयानबाजी ना करें, लेकिन पार्टी के निर्देशों के बाद भी आप लगातार पार्टी के खिलाफ काम करते रहे.

ऐसे में पार्टी हित को देखते हुए आपको बसपा की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. दानिश अली के खिलाफ पार्टी की ओर से यह कार्रवाई ऐसे समय की गई है जब मायावती ने देशभर के पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है. लखनऊ में रविवार 9 दिसंबर को यह बैठक होने वाली है. बैठक से पहले पार्टी प्रमुख मायावती अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगी.

माना जा रहा है कि पार्टी की इस अहम बैठक से पहले मायावती की ओर से अपने यहां पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई कर सकती है. अभी पार्टी के कुछ और सांसद ऐसे हैं जिन्होंने पार्टी की नीतियों की अनदेखी कर बयान दिया है. इनमें से कई बसपा सांसदों ने कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं से मुलाकात भी की है.

इसलिए लिया मायावती ने एक्शन

बसपा नेताओं के अनुसार, भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के साथ हुए विवाद के बाद जिस तरह से दानिश अली ने खुलकर बयान दिए. फिर वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के नेताओं से मिले. वह सब मायावती की अखरा. यही नहीं जब मायावती ने दानिश अली से मिलने के लिए समय नहीं दिया तब भी दानिश अली भाजपा के खिलाफ अपनी बयानबाजी बंद नहीं की.

जबकि ऐसे ही तेवर दिखने वाले सहारनपुर के बड़े नेता इमरान मसूद को मायावती ने पार्टी से निकाल दिया था. मायावती के इस फैसले से भी दानिश अली ने कोई सबक नहीं लिया और सपा सहित अन्य विपक्षी नेताओं से मेलजोल जारी रखा. दानिश अली के इस रवैये के चलते सपा और कांग्रेस ने दानिश अली के समर्थन में आगे आकर मुस्लिम मतदाताओं में यह संदेश देने का यह प्रयास किया कि बसपा में दनिश के साथ न्याय नहीं किया जा रहा है. इस राजनीतिक घटनाक्रम से मायावती नाराज हुई और उन्होने अपने सांसद के खिलाफ कठोर फैसला ले लिया.

कौन है दानिश अली

अमरोहा से बसपा की सांसद दानिश अली वर्ष 2019 में लोकसभा चुनावों के ठीक पहले ही बसपा में शामिल हुए थे. इसके बाद मायावती ने दानिश अली को अमरोहा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया. तो दानिश अली ने भाजपा प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर भी भारी मतों से हराया था. जिसके बाद वह अमरोहा के मुस्लिम और दलितों के लिए नया चेहरा बनकर सामने आए.

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