डायल 112 की महिला कर्मचारियों ने किया था प्रदर्शन, एडीजी हटाए गए!

डायल 112 की महिला कर्मचारियों ने किया था प्रदर्शन, एडीजी हटाए गए!

लखनऊ, नवंबर 8 (TNA) उत्तर प्रदेश के किसी भी सरकारी महकमे में कर्मचारियों के हड़ताल या प्रदर्शन करने पर सरकार अभी तक त्वरित एक्शन लेने में तेजी नहीं दिखती थी. लेकिन यूपी के पुलिस महकमे में डायल 112 में कार्यरत महिला कर्मचारियों के हड़ताल और प्रदर्शन करने के मामले में इस व्यवस्था को बदला गया है. आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों तक तत्काल पुलिस की सहायता उपलब्ध करने के लिए बनाए गए डायल 112 महकमे में कार्यरत महिलाएं अपने  वेतन में इजाफा करने और कई अन्य मांगों को लेकर बीते दिनों अपने मुख्यालय के सामने धरने पर बैठ गई.

परन्तु डायल 112 के अशोक कुमार ने इस महिलाओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिया. मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा और उन्होने इस मामले के निस्तारण में दिखाई गई सुस्ती को लेकर डायल 112 के एडीजी अशोक कुमार को हटाने का आदेश दे दिया. इसके साथ ही सीएम योगी सूबे की तेज तर्रार महिला आईपीएस नीरा रावत को डॉयल 112 की जिम्मेदारी देकर उन्हे नाराज महिला कर्मचारियों की समस्या का निदान करने की ज़िम्मेदारी सौंपी है.

क्यों प्रदर्शन कर रही हैं संविदाकर्मी

मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, आपातकालीन परिस्थितियों में सूबे के लोगों तक बीस मिनट के भीतर ही पुलिसकर्मी मदद के लिए पहुंच सके, इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2 अक्टूबर 2016 को डायल 100 सेवा शुरू की थी. योगी सरकार ने इस सेवा में बदलवा कर डायल 100 का नाम बदलते हुए डायल 112 इमरजेंसी कॉल नंबर की शुरुआत की. कई देशों में पुलिस का इमरजेंसी नंबर 112 है, इसलिए प्रदेश में भी अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार यह बदलाव किया गया.

और डायल 112 करने पर सभी प्रमुख आपातकालीन सेवा जैसे पुलिस, अग्निशमन, एंबुलेंस व एसडीआरएफ की मदद लोगों को मिलने लगी. बताया जा रहा है कि पुलिस महकमे के डायल 112 में पांच सौ से अधिक महिला कर्मचारी कार्यरत हैं. इनमें आउटसोर्स से करीब 300 महिला कर्मचारी तैनात हैं. टेक महिंद्रा कंपनी ने उनका चयन किया था, इनमें से कइयों को अभी तक ऑफर लेटर भी नहीं दिया गया है. महकमे में तैनात महिला कर्मी यह मांग कर रही हैं कि उनका वेतन वेतन ईआरएस 11,800 से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया जाए, क्योंकि हम पिछले 7 सालों से सेवाएं दे रहे हैं और अभी तक उन्हे कोई वृद्धि नहीं की गई है.

अपनी इस मांग को लेकर यह महिलाकर्मी एडीजी अशोक कुमार से मिली लेकिन उन्होंने उनकी उक्त समस्या के निदान में कोई रुचि नहीं ली. इसी बीच डॉयल 112 से जुड़ी टेक महिंद्रा कंपनी को बदलकर वी विन कंपनी को इसके संचालन का कार्य टेंडर के जरिए दे दिया गया. प्रदर्शन करने वाली महिला कर्मियों का आरोप है कि नई कंपनी उन्हे बाहर करने की तैयारी में है और उसने नई भर्ती भी शुरू कर दी है. जबकि कंपनी ने उन्हे न तो वेतन दिया है और न ही नियुक्ति पत्र. इससे नाराज महिला कर्मियों ने मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और रोड जाम कर धरने पर बैठ गईं. इसके बाद इन महिला कर्मियों ने मुख्यमंत्री आवास जाने का फैसला किया तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई.  

जल्द निकलेगा हल

देखे ही देखते यह मामला तूल पकड़ गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर सूबे के कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार और प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद से पूछताछ की. बताया जा रहा है कि इन दोनों ही सीनियर अफसरों ने सीएम को बताया को अशोक कुमार ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई नहीं की और सुस्ती दिखाई. इसी के बाद सीएम योगी ने इस मामले में एडीजी अशोक सिंह को हटाने का आदेश दे दिया. उन्हें पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है. उनकी जगह पर आईपीएस नीरा रावत को तैनाती मिली है. अभी तक वह अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन थीं, नीरा रावत का कहना है कि जल्दी ही इस मामले का हल निकाल लिया जाएगा.

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