Experiences
नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : भक्त के दारिद्रय का उन्मूलन
एक दिन कैंची आश्रम मे बाबा के दरबार मे गंगाधर पढालनी नाम का व्यक्ति उपस्थित हुआ। उसकी पत्नी केरल की थी । वह रोडवेज़ की नौकरी मे था और अपने गृहस्थ के खर्चो को पूरा न कर पाने के कारण मन ही मन दुखी रहता था।
यद्यपि उसने बाबा से उस सम्बंध ने कुछ भी नही कहा पर बाबा ने वहाँ उपस्थित दर्शनार्थी से उसे पाँच रूपये दिलवाते हुए कहा, "अपनी पत्नी के नाम लाटरी का टिकट खरीद लेना। इस भक्त ने ऐसा ही किया और बाबा की कृपा से वो हुआ जो उसके लिए कल्पना से बहुत आगे था|
बाबा की कृपा से उसे पाँच लाख की लाटरी लगी । इस धन से उसने कुछ सम्पत्ति खरीद ली और यह दोनो पति-पत्नी आगेय का जीवन सुखपूर्वक रहने लगे !
जय गुरूदेव
आलौकिक यथार्थ
-- पूजा वोहरा/नयी दिल्ली

