नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: तुमने मुझे याद किया और मुझे नर्मदा नदी के किनारे से आना पड़ा

नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: तुमने मुझे याद किया और मुझे नर्मदा नदी के किनारे से आना पड़ा

एक रात लखपत सिंह रघुवंशी अपने घर पर विश्राम कर रहा थे।वह सो नहीं सके क्योंकि वह अगले दिन होने वाले ऑपरेशन को लेकर बहुत चिंतित थे। परेशान होकर, वह बाबा को याद कर रहे थे जब किसी ने जोर से दरवाज़ा खटखटाया।

सभी सदस्य परिवार के लोग हैरान थे और सोचा कि कोई चोर हो सकता है। जब उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा की वह बाबा थे, वह सीधे लखपत सिंह के कमरे में गए और उससे बोले, "तुमने मुझे याद किया और मुझे नर्मदा नदी के किनारे से आना पड़ा।"

बाबा ने उसे बोला कि वह बिना किसी डर के ऑपरेशन करवाए, वह ठीक हो जाएगा। उसका ऑपरेशन सफल रहा और वह पूरी तरह से ठीक हो गया।न र्मदा नदी के बारे में महाराज जी ने ये भी कहा"जो कोई भी इस दुनिया में आता है उसे इसे छोड़ना होगा।यहां कोई नहीं रह सकता है।मैं भी जाऊंगा और किसी को दर्शन नहीं दूंगा।" जब उनसे पूछा गया कि वह कहाँ जाएंगे, तो उन्होंने उत्तर दिया "बहुत दूर,नर्मदा नदी के किनारे"

~ डिवाइन रायलिटी

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