नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : बाबा कौन हैं?

नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : बाबा कौन हैं?

एक बार माँ के मन में जब प्रश्न उठा कि बाबा आप कौन है ? तब बाबा ने अपना परिचय देते हुए कहा -

"तूने गीता के सातवें अध्याय का सातवाँ श्लोक पढ़ा है ?"

मत: परतंर नान्यत्

किण्चदस्ति धनण्जय ।

मयि सर्वमिंद प्रोतं

सूत्रे मणिगणा इव ।।

मेरे सिवा किंचित् मात्र भी दूसरी वस्तु नहीं है । यह सम्पूर्ण जगत् सूत्र मे मणियों सदृश मेरे में गुँथा है । अर्थात् माला की मणियाँ (सृष्टि) एक सूत्र मे मुझमें गुँथी है ।साक्षात श्री कृष्ण का अवतार है मेरे बाबा । है कृष्ण अपने बच्चों पर दया करो

जय गुरूदेव

अन्नंत कथामृत

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