नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: महाराज जी ने बाँदा के एक पागल लड़के के सिर पर हाथ रखा और वो ठीक हो गया!

नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: महाराज जी ने बाँदा के एक पागल लड़के के सिर पर हाथ रखा और वो ठीक हो गया!

बांदा के मुख्य थाने के प्रभारी अधिकारी ने, किसी के द्वारा दिया हुआ कुछ खा लिया जिससे वह पागल हो गया। लड़के के पिता इलाज न होने के कारण चिंतित थे। फिरोजाबाद में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक की प्रसिद्धि से प्रभावित होकर वह अपने बेटे को उसके पास लेकर गया।

बहुत विचार-विमर्श के बाद चिकित्सक ने उसे एक दवा दी और कहा कि अगर दवा लेने के तीन महीने के बाद भी उसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया, तो उसे मानसिक अस्पताल में भर्ती कराना होगा। इस अवधि के दौरान महाराज जी पहुंचे, और उस व्यक्ति ने उन्हें अपने लड़के का इलाज करने के लिए कहा। बाबा ने लड़के के सिर पर हाथ रखा, उसे सामान्य दृष्टि से देखा, और कुछ न बोला। यह बाबा की दिव्य दृष्टि और उनके हाथ का एक स्पर्श था की अगली सुबह उठने तक लड़का सामान्य हो गया।

~ द डिवाइन रीयालिटी

The officer in charge of Banda's main police station ate something given to him by someone that made him insane. The boy's father was worried and sad, for no treatment proved effective. Impressed by the fame of an ayurvedic physician in Firozabad, he took his son and called the doctor.

After much deliberation the physician gave him a medicine and said that if there was no change in his condition after three months of taking it, he would have to be admitted to a mental hospital. During this period Maharaj arrived, and the man asked him to cure his son.

Baba put his hand on the boy's head, looked at him in a normal way, and did not say anything. It was by Baba's divine glance and touch that the boy became normal by the time he woke up the next morning.

~The Divine Reality

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