नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: जब महाराज जी ने खान साहेब से हनुमान जी को लड्डू चढ़ाने को कहा!

नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: जब महाराज जी ने खान साहेब से हनुमान जी को लड्डू चढ़ाने को कहा!

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष अध्यादेश की घोषणा की, कि चिकित्सा सेवाओं में शामिल लोगों को युद्ध ड्यूटी के लिए भर्ती किया जाना था। डॉ. एम.यू. खान युद्ध में नहीं जाना चाहता था, और वह चिंतित था क्योंकि इससे बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। उनके दोस्तों ने उन्हें बाबा नीब करोरी का आशीर्वाद पाने की सलाह दी।

डॉ. खान बाबा को खोजने में सक्षम नहीं थे , लेकिन बाबा लखनऊ आ गए और उन्होंने खान को दर्शन दिए। जब डॉक्टर ने बाबा को अपनी चिंता के बारे में बताया, बाबा ने कहा, "हनुमान जी को लड्डू अर्पित करें। सब कुछ ठीक हो जाएगा।" डॉ. खान तुरंत लड्डू लेकर अमीनाबाद के हनुमान मंदिर गए और उन्हें हनुमान जी को लड्डूअर्पित किये । इसके तुरंत बाद, सरकार ने भर्ती रद्द कर दी और युद्ध सेवाएं वैकल्पिक कर दी।

~ द डिवाइन रीयलिटी

During the Second World War, the government of Uttar Pradesh declared a special ordinance that those in the medical services were to be conscripted for war duty. Dr. M.U. Khan did not want to go to war, and he was worried because there seemed to be no way of escaping it.

One of his friends advised him to get the blessing of Baba Neeb Karori. Dr. Khan was not able to find Baba, but Baba came to Lucknow and gave Khan darshan. When the doctor told Baba about his concern, Baba said, "Offer laddus [an Indian sweet] to the Hanuman ji. Everything will be set right." Dr. Khan at once took laddus to the Hanuman temple in Aminabad and offered them to Hanuman ji. Soon after, the government cancelled the conscription and made war services optional.

~ The Divine Reality

(Contributed by Ravindra Singh/Jodhpur)

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