नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: विश्वास, पूरी आलू के प्रसाद से भक्त के लड़के की पीलिया ठीक हुई

नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: विश्वास, पूरी आलू के प्रसाद से भक्त के लड़के की पीलिया ठीक हुई

मेरे बड़े लड़के को जॉन्डिस (पीलिया रोग) हो गई थी । बहुत इलाज पानी के बाद भी मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की वाली बात हो गई । लड़के की यह दशा देखकर हम सब बहुत उदास एवं दुःखी रहने लगे । तब एक दिन मैं लड़के को उठाकर कैंची धाम ले आई और महाराज जी के चरणों में उसे रख उनसे सब हाल कहे ।

महाराज जी ने भी कह दिया, “घबरा मत, ठीक हो जाएगा ।" तभी धाम के एक सेवक भक्ति से उन्होंने कहा, “इसे (मुझे) प्रसाद दो ।" और नियमानुसार मेरे लिये चार पूरी और आलू का प्रसाद आ गया । मैंने आव देखा न ताव - उन पूरियों और आलू की सब्जी को अपने लड़के को महाराज जी के ही सामने खिलाना प्रारम्भ कर दिया।

कई दिन से केवल उबला खाना खाकर ऊबे उस बालक ने भी पूरियाँ-सब्जी गपागप खानी शुरू कर दीं। महाराज जी ने देखा तो चिल्लाकर बोले, “क्या कर रही है यह ? लड़का मर जायेगा ।" मैंने भी सहज भाव से उत्तर दे दिया कि, "आपका प्रसाद पाकर भी यह मर जाता है तो मर जाये ।” बाबा मना करते रहे और मैं लड़के को पूरी-आलू खिलाती गई। वह भी आनन्द से खाता गया।

कहाँ धन्वन्तरि की औषधियाँ और कहाँ पीलिया रोग में पूरी-आलू का भोग !! पर अन्तर इतना ही था कि वह पूरी-आलू महाराज जी का प्रसाद था और महाराज जी के इस प्रसाद ने ही मेरे लड़के को कुछ ही दिनों में पूर्ण रूपेण स्वस्थ कर दिया !! (पुष्पा साह)

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