नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : अपने गुरू पर विश्वास करो और डर को निकाल दो

नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : अपने गुरू पर विश्वास करो और डर को निकाल दो

एक बार मुझे मेरे ऑफ़िस से बुलावा आया कि मैंने जो फल की पेटियाँ भेजी थी वे तोल में कम है । पर जब की मैंने कुछ ग़लत नहीं किया था, डर मेरे दिल में बैठ गया कि जाने मेरा साथ क्या होगा ?

मुझे बहुत चिन्ता और डर सताने लगा । तभी महाराजजी मेरे सामने आ गये और बोले," डरो मत , डरो मत ! बहादुर बनो ! तुम क्यूँ डर रहे हो ? क्या तुम मुझे नहीं जानते ? मैं तुम्हारे साथ हूँ !" तब वे मुझे समझाने लगे कि," कैसे श्री राम अपने भक्तों की लाज रखते है ।फिर बोले कि वो भी इसी तरह हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते है। अगर वो सौ ख़ून कर के अपना गुनाह क़बूल कर लेगा । तब भी वे उसको बचाएँगे । "

महाराज के अनुसार," अपने गुरू पर पूर्ण विश्वास कर डर को मन से निकाल दो । गुरू हर तरह से अपने शिष्य की रक्षा करता है ।

जय गुरूदेव

मिरेकल आफ लव

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