नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : लिफ़ाफ़े में साँप

नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : लिफ़ाफ़े में साँप

कैंची धाम में बाबा राम कुटी में भक्तों को लिफ़ाफ़ों में कुछ बाँट रहे थे । मैंने सोचा बाबा की फ़ोटो छवि होगी उसके अन्दर । क्या मेरे छोटे पुत्र छप्पन को भी एक लिफ़ाफ़ा दे दिया बाबा ने और उससे कहा ,"अपने बाप को मत बताना कि इसमें क्या है, - बतायेगा ? " उस ने कहा ,"हाँ बताऊँगा।"

" कैसा लड़का है, हम कह रहे है मत बताना । कहता है बताऊँगा। बोल बतायेगा ? "हाँ बताऊँगा । अब तो सब इस बालक को देखने लगे की कैसा ढीठ लड़का है। और इधर मैं सोच रहा था कि फ़ोटो छवि ही तो है बता देगा तो क्या हो गया ।

पर तभी बाबा तेज़ आवाज़ में बोले ,"मत बताना ,इसमें सर्प है । बतायेगा ?" हाँ बताऊँगा, लड़का फिर बोला । अब बाबा प्रसन्न हो गये बोले,"अपने बाप से कुछ नहीं छिपायेगा ।" तब तक मेरी जिज्ञासा बढ़ गयी कि क्या है लिफ़ाफ़े मे । तब बाबा जी नेआज्ञा दी कि "अब जाओ "।

लड़का बाहर आया को मैंने उससे कहा कि "दिखा तो क्या है लिफ़ाफ़े मे ?" उसने लिफ़ाफ़ा मेरी तरफ़ बढ़ा दिया । लिफ़ाफ़े के भीतर ५१ सर्प थे !! (रूपये ५१ )

(आज यही सर्प ही को सारे जगत को डँसे है -- मुकून्दा )

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