नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : महाराज जी से कुछ छिपा नही

नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : महाराज जी से कुछ छिपा नही

शनिवार को दोपहर नारायण स्वामी जो कि बाबा के अनन्य भक्त है ने उनके दर्शन महरौली में किए । उन्होंने बाबा जी से जुड़े कुछ प्रसंग हमें सुनाये । जिसमें से एक मैं आप लोगों से शेयर कर रही हूँ ।

बाबा जी के भक्त बड़े बड़े राजनीतिक नेता रह चुके है । पर बाबा की इच्छा के बिना कोई उनके दर्शन नहीं कर सकता था । एक दिन वृन्दावन आश्रम मे बाबा जी की सेवा नारायण स्वामी जी थे । उस वक्त आयू छोटी थी स्वामी जी की । तभी जगजीवन राम का टेलिफ़ोन आया जो कि स्वामी जी ने उठाया, उधर से जगजीवन राम जी बोल रहे थे कह रहे थे कि बाबा के दर्शन करने है ।

तब स्वामी जी ने कह दी आ जाये। उपकृत वे स्वामी जी से बोले," तुम्हारे लिये सिल्क का कुर्ता धोती लेकर आता हूँ , तो स्वामी जी ने लाने को कह दी, जवानी की उम्र थी ना नहीं कर सके । कुछ समय पश्चात् जगजीवन राम वृन्दावन आश्रम आये स्वामी जी का सिल्क का कुर्ता धोती, उन्हें थमा दिया और स्वंय बाबा के दर्शनों को बढ़ गये ।

स्वामी जी भी बाबा से छिपते छिपाते धोती कुर्ता बग़ल में छिपाये उसे कमरे में रखने जा रहे थे । तभी अचानक उनके सामने कमर पर हाथ धरे जाने कहा से बाबा प्रगट हो गये और डाँटते हुए बोले , "सिल्क का कुर्ता पहने गा, तुझे हनुमान जी की सेवा करनी है, सूती कुर्ता पहनो , सोच रहा है हमें पता न लगेगा , हम से कुछ न छिपा ! "

और इतना कहते ही धोती कुर्ता छिन कर किसी और को थमा दी । तब हम डर गये कि आगे से ग़लती न होगी । ये जीवन बाबा महाराज (हनुमान जी का है , उन्हीं की सेवा में जायेगा । अंतर्यामी है बाबा सब कुछ जानते है , सब को सुनते है , उनसे कोई कुछ नही छिपा सकता ।

जय गुरूदेव

नारायण स्वामी जी द्वारा बताया गया प्रसंग ।।

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