नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: मुझे गिरना याद है, मुझे लगा जैसे महाराज जी कह रहे हैं मैं उसे मरने नहीं दूँगा

नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: मुझे गिरना याद है, मुझे लगा जैसे महाराज जी कह रहे हैं मैं उसे मरने नहीं दूँगा

जब 'आर' की बेटी केवल एक वर्ष की थी, तो वह उनके घर की खिड़की से तीस फुट की ऊंचाई से निचे गिर गयी । वह अस्वस्थ थी,और अगले दिन,यह खबर पाकर कि महाराजजी कैंची आए हैं,वे उसे महाराज जी के पास ले गए।महाराजजी ने कहा कि वह ठीक हो जाएगी।जब यह वही छोटी लड़की दो साल की थी, तो वह फिर से तीस फीट नीचे गिर गई-उनके घर की एक और खिड़की से।

इस बार भी,उसे कोई चोट नहीं आई और महाराजजी अभी-अभी कैंची आए थे,इसलिए उसे डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय वे उसे महाराजजी के पास ले गए, महाराज जी ने फिर कहा कि वह ठीक हो जाएगी। यही घटना तीसरी बार दोहराई गई जब वह तीन साल की थी। इस बार लड़की को अपने गिरने की याद थी।उसने कहा,“मुझे गिरना याद है।मुझे लगा जैसे मैं नीचे की तरफ तैर रही थी।इस बार जब वे उसे महाराजजी के पास ले गए, तो उन्होंने उसके माता-पिता से कहा, मैं उसे मरने नहीं दूँगा।

— मिरेकल ऑफ़ लव

When R's daughter was only one year old, she tumbled out the window of their home a thirty-footfall.She was unhurt,and the next day, having received word that Maharajji had come to Kainchi,they took her to him.Maharajji said she would be okay.

When this same little girl was two,she again tumbled thirty feet out of another window in their home.This time,also,she was unhurt and again Maharajji had just come to Kainchi,so instead of taking her to a doctor they took her to Maharajji,who casually said that she'd be okay.

This same incident was repeated a third time when she was three.This time the girl herself remembers.She said,“I remember the falling.I felt as if I were floating down. " This time when they took her to Maharajji,he said to her parents,“I won't let her die."

— Miracle of Love

Related Stories

No stories found.
The News Agency
www.thenewsagency.in