नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: शिवलिंग में विराजे हनुमान जी के दर्शन

नीब करौरी बाबा की अनंत कथाएँ: शिवलिंग में विराजे हनुमान जी के दर्शन

मैं कैंची धाम 15 जून के भंडारे का प्रसाद पाने गई थी।वहाँ से दर्शनार्थ काकडी़घाट हनुमान मंदिर के दर्शन हेतु भी श्री माँ का आदेश पाकर चली गई।काकडी़घाट के शिव मंदिर एवं श्री सोमवारी महाराज के बारे में भी मैं बहुत कुछ कथाएं सुन चुकी थी।पता नहीं क्यों वहाँ पहुँच कर इच्छा हुई कि मुझे एक ऐसा शिवलिंग मिल जाए जिसमें हनुमानजी विराजे हूँ।

बाबाजी ने मेरी इच्छा जानी और अपना चमत्कार कर दिया। एकाएक नीचे देखने पर मुझे ऐसा ही एक शिवलिंग मिल गया जो आज भी मेरे पूजा घर में प्रतिष्ठित है ।

— अनंत कथा अमृत

I had gone to Kainchi dhaam to get the prasad of Bhandara on 15th June. From there I also went to Kakdighat Hanuman temple after taking orders of Shri Maa. Don't know why after reaching there I wished that I should get such a Shivling in which Hanumanji is seated.

Babaji knew my wish and performed his miracle. Suddenly looking down I found one such Shivling which is still revered in my house of worship.

- Anant Katha Amrit

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