नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : माँ के रूप में भगवान

नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : माँ के रूप में भगवान

बाबा किसी भी स्त्री की मान मर्यादा का सम्मान करने को कहते थे । हमेशा अपनी पत्नी, माँ, बहन, बेटी की इज़्ज़त करो । बाबा के द्वारा कहे कुँछ शब्द :-

"एक औरत अपने पति की सेवा करती है , वो भगवान की सेवा करने के बराबर है "!

" जो पत्नी अपने पति के प्रति ईमानदार है ( पतिव्रता ) वे सौ योगियों से भी उपर है ।"

" माँ भगवान का रूप है । क्यूँकि माँ और भगवान ही हमारी ग़लतियाँ माफ़ करते है ।"

" कई बार माईयां, महाराजजी को स्वंय भोजन खिलाती थी । बाबा कहते," मैं स्वंय खा सकता हूँ पर माईयां मुझे स्वंय खिलाती है क्यूँकि हर औरत माँ का रूप है ।"

वे उन पुरुषों पर हमेशा क्रोध करते थे जो अपनी पत्नी पर ग़ुस्सा करते थे क्यूँकि महाराजजी के अनुसार पत्नी लक्ष्मी का रूप होती है ।

एक बार मेरे दामाद बाबा के दर्शन करने गये तो बाबा ने उनसे बात नहीं की । आख़िर में बोले," कहाँ है मेरी बेटी? तुम यहाँ अकेले पहाड़ों पर मस्ती करने आये हो । जाओ वापस और मेरी बेटी के साथ लेकर आओ ।"

औरत की हमेशा इज़्ज़त करो हर रूप में वे आद्ध शक्ति है , जो पुरूष का उद्धार करती है ।

जय गुरूदेव

मिरेकल आफ लव

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