शिमला, सितंबर 3 (TNA) हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। नालागढ़, सिरमौर और सोलन में भूस्खलन के चलते सड़कें बाधित हैं। नालागढ़ के मलेहनी गांव को जोड़ने वाले मार्ग पर भारी मलबा और कीचड़ आने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है और अभी तक बहाली का काम शुरू नहीं हुआ है।
सिरमौर जिले में बारिश के कारण एक दर्जन से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। नाहन-रेणुका जी मुख्य मार्ग पिछले करीब 30 घंटे से बंद है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के बीच जटोन डैम से आज सुबह फिर पानी छोड़ा गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलाशयों से दूर रहने की अपील की है।
वहीं, परवाणू में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण परवाणू-पिंजौर बाईपास पर पहाड़ी से मलबा, चट्टानें और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। एक पुल के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है। प्रशासन ने वाहन चालकों को पुराने कालका-पिंजौर मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
उपायुक्त राहुल कुमार के अनुसार जिले में भारी बारिश से करीब 3 करोड़ रुपये के नुकसान का प्रारंभिक आकलन है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को करीब 2.70 करोड़ रुपये का हुआ है। जल शक्ति विभाग की 11 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि विद्युत विभाग को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से सात रिहायशी भवन और तीन गौशालाएं प्रभावित हुई हैं तथा एक कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।
उपायुक्त राहुल कुमार के अनुसार जिले में भारी बारिश से करीब 3 करोड़ रुपये के नुकसान का प्रारंभिक आकलन है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को करीब 2.70 करोड़ रुपये का हुआ है। जल शक्ति विभाग की 11 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि विद्युत विभाग को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से सात रिहायशी भवन और तीन गौशालाएं प्रभावित हुई हैं तथा एक कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से 1 सितंबर तक 64 दिनों की अवधि में हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान 259 लोगों की मौत हुई है। वहीं, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुआ नुकसान 1,200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। कुल 259 मौतों में से 106 मौतें बारिश और आपदा से जुड़ी घटनाओं में हुई हैं। इनमें 18 लोगों की जान भूस्खलन के कारण गई, जबकि 13 लोगों की मौत डूबने से हुई। इसके अलावा, इस अवधि में सड़क हादसों में 153 लोगों की मौत हुई है।