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Surya Pratap Shahi expresses strong displeasure over the laxity being shown in the recruitment of personnel

कार्मिकों की नियुक्ति में अपनाई जा रही ढिलाई पर सूर्य प्रताप शाही ने जताई कड़ी नाराजगी
14 सितंबर 2026 द्वारा
thenewsagency


लखनऊ, सितम्बर 14 (TNA) प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों को बदलती हुई जलवायु और बढ़ती जनसंख्या की पोषण मांग को ध्यान में रखते हुए नई प्रजातियों के विकास पर विद्यार्थियों से अधिक से अधिक शोध कराने चाहिए, जिससे प्रदेश में कृषि का सतत एवं धारणीय विकास सुनिश्चित हो सके और किसानों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार दिखाई दे। यह निर्देश उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि भवन सभागार में प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने विश्वविद्यालयों द्वारा शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों की नियुक्ति में अपनाई जा रही ढिलाई पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी रिक्त पदों के सापेक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरी तत्परता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय अपनी विशेषज्ञता के अनुरूप विशेष नई प्रजातियों को तैयार करने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करे।

शाही ने जोर देते हुए कहा कि फसलों की नई प्रजातियों के विकास में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि हमें खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा भी उपलब्ध करानी है। विकसित की जाने वाली प्रजातियां वैश्विक खाद्य सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरी उतरनी चाहिए, ताकि प्रदेश के कृषि उत्पादों का निर्यात भी बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के सभी नौ कृषि जलवायु क्षेत्रों (एग्रो-क्लाइमैटिक जोन) की परिस्थितियों, सिंचाई के उपलब्ध साधनों तथा मौसम के बदलाव को ध्यान में रखकर अनुसंधान किए जाएं। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद से अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियों के विकास पर विशेष बल दिया।

इस समीक्षा बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव रवींद्र, विशेष सचिव ओपी वर्मा व लाल बहादुर यादव, बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एसवीएस राजू, मेरठ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति त्रिवेणी दत्त, कानपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति संजीव गुप्ता, नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह, निदेशक कृषि टीएम त्रिपाठी सहित कृषि विभाग एवं विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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