अनूपगढ़, 29 अगस्त (TNA) सीमावर्ती क्षेत्र अनूपगढ़ में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तानी हैंडलरों से जुड़े कथित सिम कार्ड नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में गांव 27 ए निवासी बलविंदर सिंह उर्फ बिन्द्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर भारतीय नागरिकों के नाम से सिम कार्ड हासिल कर उन्हें पाकिस्तान भेजने का आरोप है।
जांच में यह भी सामने आया है कि इन्हीं भारतीय मोबाइल नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सऐप संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में अब तक करीब 8 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि भारतीय सिम कार्ड आखिर पाकिस्तान तक कैसे पहुंचे। प्रारंभिक जांच में इनके पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए सीमा पार भेजे जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच के दौरान पाकिस्तानी हैंडलरों के कथित इशारे पर सीमावर्ती क्षेत्र में सोलर कैमरे लगाने की कोशिश किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा आरोपी के तार हेरोइन तस्करी से जुड़े एक मामले से भी जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी के मोबाइल संपर्कों, पाकिस्तानी हैंडलरों से उसके कथित संबंधों और पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके जरिए किन गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि इन्हीं भारतीय मोबाइल नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सऐप संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में अब तक करीब 8 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि भारतीय सिम कार्ड आखिर पाकिस्तान तक कैसे पहुंचे। प्रारंभिक जांच में इनके पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए सीमा पार भेजे जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच के दौरान पाकिस्तानी हैंडलरों के कथित इशारे पर सीमावर्ती क्षेत्र में सोलर कैमरे लगाने की कोशिश किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा आरोपी के तार हेरोइन तस्करी से जुड़े एक मामले से भी जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी के मोबाइल संपर्कों, पाकिस्तानी हैंडलरों से उसके कथित संबंधों और पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके जरिए किन गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।