मैनपुरी, अक्टूबर 12 (TNA) जनपद की मतदाता सूचियों में कथित फर्जी और दोहराई गई प्रविष्टियों का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव ने जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को पत्र लिखकर पूर्व में की गई शिकायत पर कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा है।
उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार जांच की स्थिति, निष्कर्षों और संबंधित अभिलेखों की विस्तृत आख्या तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही, अनियमितताएं प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार जांच की स्थिति, निष्कर्षों और संबंधित अभिलेखों की विस्तृत आख्या तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही, अनियमितताएं प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
सपा जिलाध्यक्ष आलोक कुमार शाक्य ने 19 मई 2026 को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों की शिकायत की थी। 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के परीक्षण का हवाला देते हुए व्यापक जांच की मांग उठाई गई थी।
चारों विधानसभा क्षेत्रों में हजारों प्रविष्टियों पर सवाल
शिकायत के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र मैनपुरी में 4,377, भोगांव में 4,379, किशनी में 4,692 और करहल में 5,776 कथित फर्जी अथवा दोहराई गई मतदाता प्रविष्टियां होने का दावा किया गया है। इस तरह कुल 19,224 प्रविष्टियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक जांच और पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
डिंपल यादव ने पत्र में कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए शिकायत को लंबित रखने के बजाय समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
सांसद ने यह भी पूछा है कि शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई और यदि प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं तो देरी के कारण क्या हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियां प्रमाणित होने पर नियमानुसार सुधार कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अब इस मामले में प्रशासन की जांच और जवाब पर नजरें टिकी हैं। मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायतों पर सामने आने वाली तथ्यात्मक रिपोर्ट ही स्पष्ट करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
-- मनीष मिश्रा