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Over two hundred women watched the film Hanuman Ansh at Fun Mall in Lucknow

दो सौ से अधिक महिलाओं ने देखी फिल्म हनुमान अंश, फन मॉल में गूंजे जय श्री राम के नारे, प्रसाद में बटे लड्डू
8 सितंबर 2026 द्वारा
thenewsagency


लखनऊ, सितम्बर 8 (TNA) ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुवाई में मंगलवार को गोमती नगर स्थित फन रिपब्लिक में सनातनी महिलाओं के लिए आध्यात्मिक फिल्म “हनुमान अंश” की स्पेशल स्क्रीनिंग, दोपहर 01:40 बजे करवायी गई। इस अवसर पर माननीय सदस्य विधान परिषद पवन सिंह चौहान मुख्य अतिथि थे। सभी आगंतुक दर्शकों को प्रसाद के रूप में लड्डुओं का वितरण भी किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि भगवान राम के भक्त हनुमान, भारतीय परंपरा में भक्ति, सेवा, समर्पण, साहस, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा के अप्रतिम आदर्श हैं।  श्रीराम के प्रति उनका समर्पण हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक शक्ति केवल सामर्थ्य में नहीं, बल्कि उस सामर्थ्य का उपयोग लोककल्याण और धर्म के लिए करने में है। उन्होंने “जेनजी” का आवाह्न करते हुए कहा कि विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए हनुमान जी का जीवन आत्मविश्वास, अनुशासन, निष्ठा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रेरणास्रोत है।

सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल ने इस अवसर पर संदेश दिया कि हनुमान महाराज ने माता सीता के प्रति जिस श्रद्धा, मर्यादा और सम्मान का परिचय दिया, वह हमें यह संदेश देता है कि नारी सम्मान केवल एक सामाजिक आदर्श नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। माता सीता विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान, धैर्य और संकल्प पर अडिग रहीं वहीं हनुमान महाराज ने उनके प्रति पुत्रवत श्रद्धा रखते हुए उनके सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

हर महिला को चाहिए कि वे अपने भीतर की सनातनी शक्ति को पहचाने। परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, अपने आत्मसम्मान से समझौता न करें और अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहें। शक्ति का अर्थ केवल बाहुबल नहीं होता। विवेक, धैर्य, साहस, करुणा और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता भी शक्ति है।

सनातनी ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुवाई में इस स्पेशल फिल्म स्क्रीनिंग के दौरान सिनेमाघर का माहौल मंदिर सदृश्य हो गया था। “जय श्री राम” जयघोषों के साथ दो सौ से अधिक मातृशक्तियों ने इस फिल्म से प्रेरणा प्राप्त की। अन्य आगंतुक दर्शकों ने भी फिल्म दर्शन के उपरांत लड्डुओं का प्रसाद गहण किया।

इस अवसर पर नियमित सुंदरकांड के पाठ का संकल्प भी लिया गया। इसके साथ ही सेवा परमो धर्मः एवं स्वदेशी अपनाने का संदेश भी दिया गया।


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