लखनऊ, सितंबर 10 (TNA) 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण संबंधी मामले में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में माध्यमिक शिक्षा मंत्री श्रीमती गुलाबो देवी सहित बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन, बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सुरेंद्र कुमार तिवारी, उपनिदेशक बेसिक शिक्षा गणेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। अभ्यर्थियों ने आयोग के आदेश के अनुसार OBC वर्ग को आरक्षित श्रेणी में मानते हुए पूर्णांक 150 में से 60 अंक अर्थात 40 प्रतिशत के आधार पर संशोधित परिणाम जारी करने तथा पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग रखी। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
NCTE गाइडलाइन से लेकर आरक्षण नियमावली तक हुई चर्चा
बैठक में 68,500 शिक्षक भर्ती की पूरी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें NCTE की गाइडलाइन, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का आदेश, बेसिक शिक्षा की नियमावली, आरक्षण नियमावली तथा भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपनाई गई व्यवस्था सहित तमाम तथ्यों को अधिकारियों के समक्ष रखा गया।
बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन की ओर से यह बात कही गई कि OBC वर्ग को पांच प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए थी और उसे आरक्षित श्रेणी में रखा जाना चाहिए था। हालांकि, ऐसा किए बिना विज्ञापन जारी हुआ और भर्ती प्रक्रिया पूरी होकर नियुक्तियां भी दी जा चुकी हैं। चूंकि इस भर्ती प्रक्रिया को लगभग सात वर्ष बीत चुके हैं, इसलिए अब इस प्रकरण में उच्च स्तर पर निर्णय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे बेसिक शिक्षा मंत्री
बैठक में अधिकारियों की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि वर्तमान परिस्थितियों में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन, OBC वर्ग को आरक्षित श्रेणी में मानते हुए संशोधित परिणाम जारी करने तथा नियुक्ति देने के संबंध में निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाना आवश्यक है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर माननीय मुख्यमंत्री से वार्ता करने की बात कही। बैठक में यह भी सामने आया कि मामले पर अंतिम सकारात्मक निर्णय मुख्यमंत्री स्तर से ही लिया जा सकता है।
अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि वे शीघ्र मुख्यमंत्री से वार्ता कर 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण मामले का स्थायी समाधान कराने की दिशा में पहल करें, ताकि वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को संशोधित परिणाम एवं नियुक्ति का लाभ मिल सके।
ईको गार्डन में दसवें दिन भी जारी रहा आंदोलन
हीं, 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का लखनऊ के ईको गार्डन में अनवरत आंदोलन आज दसवें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों से अपने अधिकार और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन नहीं होता, संशोधित परिणाम जारी नहीं किया जाता और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल नौकरी की मांग नहीं, बल्कि आरक्षण के संवैधानिक अधिकार और न्याय की लड़ाई है। सरकार से उनकी मांग है कि मामले को और लंबित न किया जाए तथा मुख्यमंत्री स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर वर्षों से संघर्षरत अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए। बैठक में 68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल कुमार, शिव वीर सिंह, नसीम फरीदी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।