लखनऊ, अक्टूबर 22 (TNA) नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ, जो लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध है, ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान, नवाचार एवं ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केन्या स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एम्बू (University of Embu) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर यूनिवर्सिटी ऑफ एम्बू की ओर से कुलपति प्रो. डैनियल मुगेंडी न्जिरू इस साझेदारी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
यह अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी के मार्गदर्शन एवं उनके साथ हुए विचार-विमर्श के फलस्वरूप साकार हुआ। उनके मार्गदर्शन ने महाविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संबंधों के विस्तार तथा अनुसंधान एवं अकादमिक सहयोग के नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त अनुसंधान, छात्र प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, मार्गदर्शन, संकाय विकास, शैक्षणिक एवं शोध संसाधनों के आदान-प्रदान तथा संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, सम्मेलनों और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संयुक्त आयोजन के माध्यम से सहयोग को बढ़ावा देना है।
यह साझेदारी शैक्षणिक उन्नति, अनुसंधान सहयोग तथा ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के नए अवसर प्रदान करेगी। यह पहल प्रो. मंजुला उपाध्याय, प्राचार्या, नवयुग कन्या महाविद्यालय, के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा प्रो. संगीता कोतवाल, IQAC संयोजिका, के महत्वपूर्ण सहयोग से साकार हुई है। संस्थागत गुणवत्ता संवर्धन एवं शैक्षणिक विकास की दिशा में उनके निरंतर प्रयास महाविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को साकार करने में डॉ. नेहा अग्रवाल, IQAC सदस्य एवं MoU समन्वयक, के समर्पित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संबंधों को विकसित करने की उनकी पहल एवं प्रतिबद्धता ने इस साझेदारी को मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्थागत विकास एवं शैक्षणिक उन्नति के प्रति उनके निरंतर प्रयास महाविद्यालय के शैक्षणिक क्षितिज का विस्तार करने तथा उसकी अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को सुदृढ़ बनाने के प्रति उनके समर्पण को दर्शाते हैं।
इस साझेदारी के माध्यम से नवयुग कन्या महाविद्यालय शैक्षणिक अवसरों का विस्तार करने, अनुसंधान-उन्मुख शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के नए अवसर विकसित करने की दिशा में प्रयासरत रहेगा। यह अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, अनुसंधान गतिविधियों तथा वैश्विक सहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।