मैनपुरी/किशनी, नवंबर 6 (TNA) गंगा एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। किसान की पत्नी ने शमशेरगंज के लेखपाल सत्येंद्र शाक्य पर मुआवजे की रकम में से 4.80 लाख रुपये निकालने और दो ब्लैंक चेक अपने पास रखने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सख्त रुख अपनाते हुए लेखपाल को पुलिस हिरासत में भिजवा दिया।
शमशेरगंज निवासी अमूल दास पुत्र रामेश्वर की करीब साढ़े चार बीघा जमीन अधिग्रहित की गई है, जिसके एवज में उसे 59 लाख रुपये मुआवजा मिला है। उसकी पत्नी नीलम जाटव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि लेखपाल ने मुआवजा भुगतान के लिए मैनपुरी की एचडीएफसी बैंक शाखा में खाता खुलवाया और उसकी कुछ चेक अपने पास रख लीं। मुआवजे की रकम आने के बाद 4.80 लाख रुपये निकलने का मैसेज मिला। बैंक में जानकारी करने पर चेक के माध्यम से रकम निकाले जाने की बात पता चली।
आरोप है कि लेखपाल से पूछने पर उसने जमीन के मुआवजे में से आठ लाख रुपये मांगने की बात कही। पीड़िता ने आशंका जताई कि लेखपाल के पास मौजूद दो ब्लैंक चेक से भी लाखों रुपये निकाले जा सकते हैं। मीडिया में मामला प्रमुखता से उठने के बाद प्रशासन हरकत में आया। गुरुवार को डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी किशनी तहसील पहुंचे और आरोपी लेखपाल से पूछताछ की। उनके निर्देश पर पुलिस लेखपाल को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
वहीं, एसडीएम नवनीता राय ने आरोपी लेखपाल सत्येंद्र शाक्य को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि तहसीलदार की तहरीर पर लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
-- मनीष मिश्रा