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Allahabad HC tells DGP in his presence, "We know the truth"

DGP के सामने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खोली पुलिस जांच की पोल, कहा- हम हकीकत जानते हैं
1 September 2026 by
thenewsagency

File Picture

प्रयागराज, सितंबर 1 (TNA) इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के DGP की पेशी के दौरान पुलिस की जांच की गुणवत्ता को लेकर कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणियां कीं। जस्टिस समीर जैन ने DGP से पूछा कि पुलिस की ओर से जरूरी निर्देश समय पर कोर्ट तक पहुंचें, इसे सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

DGP ने अदालत को पुलिस के conviction rate की जानकारी दी। इस पर कोर्ट ने कहा, “आप conviction rate की बात कर रहे हैं, हमारे सामने खराब तरीके से की गई जांच के मामले आते हैं।” जस्टिस जैन ने कहा कि जो आंकड़े बताए जा रहे हैं, उनका क्या मतलब है “हम हाईकोर्ट के जज हैं, जमीनी हकीकत जानते हैं।”

कोर्ट ने पुलिस रिकॉर्ड और CCTV फुटेज को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि कई बार हलफनामे में सब कुछ मौजूद बताया जाता है, लेकिन जब रिकॉर्ड मंगाया जाता है तो फुटेज नहीं होती। व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में पुलिस से निर्देश मिलने में होने वाली देरी पर भी कोर्ट ने सवाल किया। जस्टिस जैन ने कहा कि पहले निर्देश लेने के लिए 10 दिन दिए जाते थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब स्पष्ट किया है कि personal liberty के मामलों में तीन दिन पर्याप्त हैं।

DGP ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि व्यवस्था सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और समितियां भी बनाई गई हैं। इस पर कोर्ट ने कहा, “आप सभी सक्षम अधिकारी हैं। हम आपको समस्याएं बताएंगे और आप उनका समाधान निकालिए।” प्रयागराज में महोबा के चर्चित हत्याकांड मामले में यूपी के DGP राजीव कृष्ण आज दोपहर हाईकोर्ट में पेश हुए थे ।

मामला पुष्पराज सिंह उर्फ बबलू की जमानत अर्जी से जुड़ा है। याचिकाकर्ता 23 जून 2025 से जेल में बंद है। कोर्ट ने मामले में पुलिस के रवैये और काउंटर एफिडेविट दाखिल करने में हुई देरी पर नाराजगी जताते हुए DGP को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।


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