राज्यपाल ने ‘रक्तदान एवं एड्स जागरूकता रैली’ का शुभारम्भ किया

राज्यपाल ने ‘रक्तदान एवं एड्स जागरूकता रैली’ का शुभारम्भ किया

लखनऊ || उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘विश्व एड्स दिवस’ के अवसर पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा आयोजित ‘रक्तदान एवं एड्स जागरूकता रैली’ को झण्डी दिखाकर राजभवन से शुभारम्भ किया। इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान पर विश्वविद्यालय द्वारा बहुत ही प्रभावी तथा सारगर्भित नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया।

राज्यपाल ने प्रस्तुत किये गये नुक्कड़ नाटक के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में जागृति आती है तथा लोगों को रक्तदान, अंगदान तथा समाजसेवा के लिए प्रेरणा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में हमारे युवा बहुत ही जागरूक हो गये हैं तथा हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं। जिस देश के युवा इतने सजग और कर्तव्यनिष्ठ हैं, वह सशक्त तथा समृद्ध देश के रूप में विकास के रास्ते पर सदैव आगे बढ़ता रहेगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी रोग से समाज को मुक्ति दिलाने के लिए यह जरूरी है कि समय रहते बीमारी से संबंधित जांच करवाकर उचित दिशा में इलाज की शुरूआत की जाये। इसके लिए जरूरी है कि चिकित्सालय के सभी विभाग रोगियों के उपचार हेतु एक दूसरे का सहयोग करें, तभी सार्थक परिणाम सामने आयेंगे। सहयोग, काउंसलिंग, जांच के साथ ही बीमार व्यक्ति के साथ खड़े होकर उसे यह आश्वासन देना और एहसास दिलाना कि अपनी बीमारी के समय में वह अकेला नहीं है, यह सर्वाधिक जरूरी तथा मानवीय इलाज है।

राज्यपाल ने युवाओं से किसी भी प्रकार का नशा न करने की अपील करते हुए कहा कि उनको इस बात पर विचार करना चाहिए कि उन्हें किसी भी ऐसे पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए, जिससे उनके या उनके परिवार के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष लाखों लोंगो की मृत्यु एड्स और अनेक प्रकार के संक्रामक रोगों से हो जाती है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दिशा में एक साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने कहा कि किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के ए0आर0टी0 सेंटर, ब्लड बैंक, आई0टी0पी0सी0 सेंटर, एस0टी0आई0 सेंटर एवं मानसिक रोग विभाग द्वारा 'End Inquality, End AIDS, End Pandemic' की सोच के साथ एड्स संक्रमण के इलाज एवं रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।

रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना जी ने कहा कि किसी भी बीमारी से समाज को बचाने के लिए उससे बचाव का महत्व इलाज से ज्यादा है। एड्स जैसी भयावह बीमारी के संक्रमण को जागरूकता के माध्यम से ही कम करने पर हमें सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अपने परिवार से मिले संस्कारों का हमें पालन करना चाहिए और उसी के अनुरूप व्यवहार भी करना चाहिए।

Related Stories

No stories found.
The News Agency
www.thenewsagency.in