उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी ठोंकेगी ताल, सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव

राजनीतिक पार्टियों के जातिवाद के तिलिस्म को तोड़ेगी प्रदेश की जनता: राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडेय
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी ठोंकेगी ताल, सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव

लखनऊ ।। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडेय ने गुरुवार को प्रदेश में पार्टी के आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सांझा करी। अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव में पूरी ताकत और मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने की हुंकार भरी। उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा सभी सीट पर चुनाव लड़ने की बात कही।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडेय उत्तर प्रदेश में जातिवाद का तिलिस्म रचने वाली पॉलिटिकल पार्टियों का भविष्य प्रदेश की जनता द्वारा आगामी चुनाव में तोड़े जाने की बात कही।

उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने पूरे उत्तर प्रदेश की 345 विधान सभाओं में 25-25 सदस्य विधान सभा कमेटी अब तक सभी जिला इकाइयों ने बना ली है। जो 58 विधान सभा कमेटियाँ अभी तक नहीं बनी हैं, वो आने वाले दिन में सभी साथी मिल कर पूरा करेंगे।

उन्होंने कहा, “पूरे उत्तर प्रदेश में ‘जन-जन ऑक्सीमीटर अभियान’ के तहत पार्टी कार्यकर्ता हर एक गांव में घर-घर जा रहे हैं। हर दिन 50,000 लोगों से मिल कर उनका ऑक्सीजन लेवल चेक कर रहे हैं। हर गाँव में आम आदमी पार्टी ने अपना प्रतिनिधि बतौर ऑक्सीमित्र नियुक्त कर रही है।”

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यूपी में पिछले कुछ दिन से पंचायत चुनाव की तगड़ी चर्चा हुई। दिसंबर तक वोटर लिस्ट में नाम बढ़ाने की बात निश्चित की गई। “यूपी में प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुनाव जनता करती है, लेकिन पंचायत के 2 सबसे जरूरी पद- ब्लॉक प्रमुख के चुनाव और जिला पंचायत अध्यक्ष का निर्वाचन, जिला पंचायत सदस्यों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा होता है। तमाम आपराधिक किस्म के लोग ब्लॉक प्रमुख और पंचायत के चुनाव पर पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में उस सीट पर कब्जा करने का काम करते हैं।”

सभाजीत सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनका वादा याद दिलाते हुए कहा, “आम आदमी पार्टी सीएम से मांग करती है कि यूपी में होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी सीधे जनता के द्वारा हो, जिसका वादा योगी ने पहले किया था। सीधे जनता के द्वारा होने वाले चुनाव से प्रदेश में राजनीति के अपराधीकरण से निजात मिलेगी। साथ ही जो लोगों ने पैसे और ताकत के बल पर इन दोनों बड़ी कुर्सियों में कब्जा किया था, उससे यूपी की जनता को छुटकारा मिलेगा। साथ ही “सीधे जनता से चुने जाने वाले लोग, जनहित में बेहतर काम करने को कोशिश करेंगे।”

आम आदमी पार्टी यूपी अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने आगामी पंचायत चुनाव में पूरी ताकत और मजबूती के साथ चुनाव में उतरने और सभी सीट पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। उन्होंने बताया, “पंचायत चुनाव को मद्देनजर, पार्टी की सभी जिला ईकाइयां, स्टेट कमेटी के साथ ही लगातार जिलों में संपर्क में हैं। पिछले पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों में से बहुत सारे लोगों ने “जन-जन ऑक्सीमीटर अभियान” के दौरान कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर, पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई।

सामाजिक और आरटीआई कार्यकर्ताओं सहित राजनीतिक बदलाव के इच्छुक वे लोग जो चाहते हैं उत्तर प्रदेश में ऐसी पार्टी आए जो दिल्ली के विकास मॉडल को ला सके, आम आदमी पार्टी में सम्मिलित हो रहे हैं। सिंह ने कहा दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल के विकास मॉडल के जरिए शिक्षा, बिजली, चिकित्सा आदि क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किया गया। “उत्तर प्रदेश की जनता चाहती है कि यहाँ भी एक ऐसी पार्टी आए जो इसे लागू कर सके। बहुत से लोगों ने आने वाले पंचायत चुनाव में लड़ने की इच्छा जताई है।”

प्रेस वार्ता के जरिए, “आप” यूपी अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक बदलाव में हिस्सेदारी निभाने के इच्छुक लोगों से आम आदमी पार्टी से जुड़ने की अपील करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश की जंगलराज की सरकार, जो आम आदमी, गरीब और युवाओं की विरोधी सरकार है, उसके खिलाफ एक मजबूत आवाज बनकर उभरी आम आदमी पार्टी का सहयोग और समर्थन करें।”

आम आदमी पार्टी के पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली विधानसभा के मुख्य सचेतक और उत्तर प्रदेश में “जन-जन ऑक्सीमीटर अभियान” के इन्चार्ज दिलीप पांडे ने कहा, “प्रदेश में पिछले कई महीने से शून्य विधायक होने के बावजूद, सक्रिय और व्यावहारिक विपक्ष की भूमिका में आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के सियासी समर में देखी जा रही है। न्याय के संघर्ष के लिए सड़क पर उतरने के साथ ही पार्टी लगातार पूरे जोर-शोर से जमीनी स्तर पर संगठन निर्माण की प्रक्रिया में लगी है।”

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह सदन के पटल पर गंभीरता से उत्तर प्रदेश के कोरोना घोटाले, प्रदेश में अपराध के बढ़ते ग्राफ, “ठाकुर बनाम ऑल” की सरकारी सच्चाई, किसान हित के मुद्दे पर पुरजोर आवाज उठा रहे हैं तो दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आव्हान पर पार्टी संगठन लगातार 345 विधान सभाओं, 25 समितियों और औसतन 10 की टीम के साथ हर दिन गाँव में जाकर वहाँ रहने वाले प्रदेश वासियों के ऑक्सीजन की जांच कर, उनकी जान बचाने की मुहिम पर लगा है।

दिलीप पांडेय ने कहा, “प्रदेश में 150 से अधिक विधान सभाओं में सक्रिय कार्यालय खोले जा चुके हैं, बाकी में जारी है। यूपी में व्यवस्था परिवर्तन को लेकर पार्टी न सिर्फ अपना लक्ष्य फलक पर सेट किए हुए है बल्कि इसे हासिल करने में संगठन की महत्वपूर्ण भागीदारी की भूमिका की गंभीरता को समझते हुए, संगठन निर्माण भी कर रही है। आने वाले पंचायत चुनाव में पार्टी संगठन पूरी ताकत और मुस्तैदी से अपनी हिस्सेदारी और जनता के आशीर्वाद से अपनी जीत सुनिश्चित करेगा।“

दिल्ली विधानसभा के मुख्य सचेतक दिलीप पांडेय ने कहा, “अगर मेहनत में विश्वास रखते हैं तो हम आश्वस्त करते हैं कि जिस सफर की अभी बस शुरुआत हुई है, इस सफर को आपके सहयोग से इसके जायज अंजाम तक पहुंचाएंगे।“

यूपी की योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए दिलीप पांडेय ने कहा, “सरकार प्रदेश के 6 फीसदी लोगों की सरकार बन कर रह गई है। यूपी के 94 प्रतिशत लोग हताश और निराश हैं। वहीं दिल्ली सरकार को अपने काम के बलबूते समाज का आशीर्वाद मिला है। उसी दिल्ली मॉडल को लागू होते हुए उत्तर प्रदेश की जनता भी देखना चाहती है। इसी विश्वास के साथ आम आदमी पार्टी आगे बढ़ रही है कि इस बार जो जातिवाद का तिलिस्म पहले की पॉलिटिकल पार्टियों ने रचा है, जनता उसे तोड़ेगी और अपना भविष्य अपने हाथ से लिखेगी।”

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