नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : रेल के टिकटो में वृद्धि

नीब करोली बाबा की अनंत कथाएँ : रेल के टिकटो में वृद्धि

काशीपुर मे बाबा भक्त मण्डली के साथ रेल द्वारा हल्द्वानी लौटे। चौबे जी ने बाबा के लिये द्वितीय श्रेणी का और अन्य भक्तों के लिये तृतीय श्रेणी के भूल से आठ टिकट लेकर एक भक्त को दे दिये थे, जब कि बाबा दी के साथ आये लोगों की संख्या नौ थी !

एक पण्डित जी को छोड़कर जो तृतीय श्रेणी मे सफर कर रहे थे अन्य भक्त जन बाबा के साथ ही द्वितीय श्रेणी में बैठे थे ! बाबा एकाएक भक्तों से बोले "टिकट कितने है ?" एक भक्त ने बताया कि पूरे हैं। बाबा ने तीव्र स्वर मे कहा "पण्डित का टिकट कहाँ है ?" इस पर सब को अपनी भूल पर खेद हुआ।

बाबा ने सब टिकट अपने पास ले लिये और चलती गाड़ी से उन्हें बाहर फेंक दिया और सभी को बिना टिकट का यात्री बना दिया। उस दिन गाड़ी मे स्पेशल चेकिंग हो रही थी ! बाबा के पास बैठे आठों भक्त राजकीय कर्मचारी थे। बिना टिकट पकड़े जाने पर उनको नौकरी जाने का भय हो रहा था।

अगला स्टेशन आते ही बाबा अपने कक्ष से उतर गये और तृतीय श्रेणी मे पण्डित के पास बैठ गये। सभी भक्त बाबा के पास आकर उसी कक्ष में बैठ गये। उसी समय बाबा ने एक भक्त के हाथ मे तृतीय कक्ष के नौ टिकट रख दिये। सब के सब अचंभित रह गये बाबा की लीला पर !

जय गुरूदेव

रहस्यदर्शी

श्री नीब करौरी बाबा

Related Stories

The News Agency
www.thenewsagency.in