विश्व के सबसे बड़े संगठन कॉमनवेल्थ की जूइस काउंसिल के वेबिनार में डॉ. चिन्मय ने की शिरकत

हरिद्वार || विश्व के सबसे बड़े संगठन कॉमनवेल्थ जो 54 देशों एवं 2.2 खरब लोगों का संगठन है, इसके द्वारा आयोजित एक अत्यंत प्रतिष्ठित वेबिनार में 54 देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस वेबिनार में ब्रिटेन की रॉयल फेमिली के प्रिंस चार्ल्स ने इस वेबिनार की उद्घाटन करते हुए इसे एक ऐतिहासिक अवसर बताया। इस अवसर पर विश्वभर से आमंत्रित पाँच वक्ताओं में देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या को भारतीय संस्कृति के विषय में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया।

फेथ इन द कॉमनवेल्थ विषय पर आयोजित इस वेबिनार में सामाजिक जीवन में नैतिक मूल्यों की अवधारणाओं विषय पर विचार विमर्श हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रिंस चार्ल्स के विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से हुआ।

देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि समाज को जोड़ने में जिस तरह कॉमनवेल्थ संगठन ने पहल की है, प्रशंसनीय है। इस अवसर पर समाज को एक करने में पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के आदर्श वाक्य एकता, समता, शुचिता तथा ममता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व वसुधा को इस आदर्शवाक्य से प्रेम और सहकार के साथ एकजुट किया जा सकता है।

इस अवसर पर कॉमनवेल्थ जूइस काउसिल के सीईओ क्लाइव लावटन, लॉर्ड मेंडलसन, लंदन की विशप डेम मुलाली, यहूदियों के प्रमुख चीफ रबाई मर्विस, आर्चविशप ऑफ कंबांडा भी वक्ताओं के रूप में आमंत्रित थे। यह संपूर्ण भारत के लिए एक गौरव का क्षण रहा, जब इस महत्त्वपूर्ण अवसर पर देसंविवि शांतिकुंज, गायत्री परिवार एवं परम पूज्य गुरुदेव पं० श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों को साझा करने के लिए प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या को आमंत्रित किया गया। इस उपलब्धि पर श्रद्धेयद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं शैलदीदी ने अत्यंत हर्ष की अभिव्यक्ति प्रदान की।

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